भारत-भारती
`भारत-भारती’ मैथिलीशरण गुप्त की सर्वाधिक प्रचलित कृति...
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`भारत-भारती’ मैथिलीशरण गुप्त की सर्वाधिक प्रचलित कृति है। यह सर्वप्रथम संवत् १९६९ में प्रकाशित हुई थी और अब तक इसके पचासों संस्करण निकल चुके हैं। एक समय था जब ‘भारत-भारती’ के पद्य प्रत्येक हिन्दी-भाषी के कण्ठ पर थे। गुप्त जी का प्रिय हरिगीतिका छन्द इस कृति में प्रयुक्त हुआ है। भारतीय राष्ट्रीय चेतना की जागृति में इस पुस्तक का हाथ रहा है। यह काव्य तीन खण्डों में विभक्त है : (१) ‘अतीत’ खण्ड, (२) ‘वर्तमान’ खण्ड, (३) ‘भविष्यत्’ खण्ड। ‘अतीत’ खण्ड में भारतवर्ष के प्राचीन गौरव का बड़े मनोयोग से बखान किया गया है। भारतीयों की वीरता, आदर्श, विद्या-बुद्धि, कला-कौशल, सभ्यता-संस्कृति, साहित्य-दर्शन, स्त्री-पुरुषों आदि का गुणगान किया गया है। ‘वर्तमान’ खण्ड में भारत की वर्तमान अधोगति का चित्रण है।
- Format:Hardcover
- Pages:192 pages
- Publication:2005
- Publisher:Neha Publishers & Distributors
- Edition:
- Language:hin
- ISBN10:
- ISBN13:9788180312090
- kindle Asin:8180312097




